पिकनिक मनाने गए थे चार छात्र, दो साथियों ने घटना की जानकारी देर शाम तक छिपाई;
स्कूल प्रबंधन और अनुशासन पर भी गंभीर सवाल।
सरबई– ग्राम सरबई के दो होनहार छात्रों की केन नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों छात्र अपने दो अन्य साथियों के साथ बिछारेबाबा स्थित केन नदी में पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान नदी में नहाते समय अंश उर्फ कन्हैया पिता राजेंद्र अवस्थी और तेजस पिता लक्कू गुप्ता गहरे पानी में चले गए और डूब गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 7 अक्टूबर की दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि घटना के समय दोनों मृतकों के साथ मौजूद दो अन्य साथियों ने कथित तौर पर घटना की जानकारी तत्काल परिजनों अथवा पुलिस को नहीं दी। दोनों छात्र जब देर शाम तक अपने घर नहीं पहुंचे, तब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान घटना की जानकारी सामने आई, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
रात में नदी पर जुटी भारी भीड़, सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन, ग्रामीण और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। रात में ही सैकड़ों लोग केन नदी के आसपास पहुंच गए और छात्रों की तलाश शुरू की गई। अंधेरा और नदी की परिस्थितियां राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी बाधा बनीं।इसके बाद सुबह गोताखोर टीम को बुलाया गया। गोताखोरों ने कई घंटे तक अथक प्रयास किया, जिसके बाद दोनों छात्रों के शव नदी से बरामद किए जा सके। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में मातम पसर गया।पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
बारहवीं कक्षा के छात्र थे दोनों मृतक।
बताया जा रहा है कि अंश उर्फ कन्हैया और तेजस समेत चारों युवक कक्षा 12वीं के छात्र थे। पढ़ाई के महत्वपूर्ण दौर में दो युवकों की इस तरह हुई असमय मौत से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
स्कूल प्रबंधन पर भी उठ रहे सवाल
घटना के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरबई के स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और परिजनों की ओर से विद्यालय में छात्रों की गतिविधियों और अनुशासन पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्राचार्य की निगरानी और विद्यालय स्तर पर छात्रों के अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।हालांकि, स्कूल प्रबंधन की वास्तविक जिम्मेदारी और किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है। पूरे मामले में पुलिस और संबंधित शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना ने खड़े किए कई गंभीर सवाल।
इस दर्दनाक हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर चारों छात्र स्कूल समय में या स्कूल से बाहर किस परिस्थिति में बिछारेबाबा पहुंचे? क्या परिजनों को इसकी जानकारी थी? नदी जैसे जोखिम वाले स्थान पर जाने से पहले छात्रों ने किसी को सूचना क्यों नहीं दी? और सबसे बड़ा सवाल यह कि हादसे के बाद घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और परिजनों को क्यों नहीं दी गई? यदि घटना के समय ही सूचना मिल जाती तो संभव है कि राहत एवं बचाव दल समय रहते सक्रिय हो जाता। हालांकि, इससे छात्रों की जान बचाई जा सकती थी या नहीं, यह कहना जांच के बाद ही संभव होगा। फिलहाल पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के दौरान मौजूद दोनों अन्य छात्रों से पूछताछ के बाद हादसे की पूरी परिस्थितियां सामने आने की उम्मीद है। वहीं, ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नदी के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

