जिलाधिकारी हमीरपुर द्वारा ज्ञापन न लेने पर दो अधिवक्ताओं ने कराया मुंडन
हमीरपुर।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 (NH-34) की बदहाली और उस पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर जनता का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। जिलाधिकारी द्वारा हाईवे को दुरुस्त कराने के संबंध में दिए जाने वाले ज्ञापन को स्वीकार न किए जाने से नाराज होकर आज बुंदेलखंड नव निर्माण सेना के दो शीर्ष पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के निकट मुंडन संस्कार करवाकर एक अनोखा और लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया।
मुंडन कराने वालों में बुंदेलखंड नव निर्माण सेना (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता विनय तिवारी और वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश यादव शामिल हैं। इस कड़े कदम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और क्षेत्र में यह घटना भारी चर्चा का विषय बन गई है।
”जब प्रशासन बहरा हो जाए, तब आंदोलन बलिदान मांगता है”
मुंडन संस्कार कराने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता विनय तिवारी ने तीखे शब्दों में प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
”लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। एनएच-34 आज ‘खूनी हाईवे’ बन चुका है, जहां आए दिन मासूमों की जान जा रही है और परिवार तबाह हो रहे हैं। लेकिन जब जिला प्रशासन ने हमारी न्यायसंगत मांग और ज्ञापन को सुनने और स्वीकार करने से ही इनकार कर दिया, तो हमारे पास अपनी बात पुरजोर तरीके से रखने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। जब प्रशासन जनता की पीड़ा सुनना बंद कर दे, तब आंदोलन त्याग, संघर्ष और बलिदान का रूप ले लेता है।”
जनआंदोलन में बदलेगा हाईवे का मुद्दा
प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता रमेश यादव ने भी जिला प्रशासन के इस अड़ियल रुख की कड़ी निंदा की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एनएच-34 पर लगातार हो रहे हादसों और मौतों के खिलाफ यह लड़ाई अब सिर्फ एक संगठन की नहीं, बल्कि आम जनता की लड़ाई बन चुकी है। आने वाले दिनों में इस अनदेखी के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
क्या हैं मुख्य मांगें?
बुंदेलखंड नव निर्माण सेना और स्थानीय अधिवक्ताओं की मांग है कि:
- एनएच-34 के जर्जर और ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) को तत्काल दुरुस्त किया जाए।
- हाईवे पर सुरक्षा मानकों, रिफ्लेक्टरों और साइनेज की उचित व्यवस्था हो।
- प्रशासनिक अधिकारी जनता और जनसंगठनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव, समर्थन में उतरे लोग
इस अनोखे और गांधीवादी तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जब सीधे रास्तों से बात नहीं सुनी जाती, तो ऐसे ही लोकतांत्रिक और कड़े कदम उठाने पड़ते हैं। मुंडन संस्कार के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
अब देखना यह होगा कि इस अनोखे और कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद जागता हुआ जिला प्रशासन एनएच-34 की सुध लेता है या फिर यह चिंगारी एक बड़े जनआंदोलन का रूप धारण कर लेती है।
संवाददाता, हमीरपुर।

